1 घंटा पैदल चलने से कितनी कैलोरी बर्न होती है?
हेलो फ़्रेंड्स आज हम लोग ये समझेंगे कि आधे घंटे अगर मॉर्निंग वॉक किया जाए तो कितनी कैलोरी कम होगी? कितना हमारा उससे वजन कम होगा ये हम जानने वाले हैं जब भी कभी किसी को ऐसा लगता है। कि मुझे अपना वजन कम करना चाहिए तो सबसे पहले दिमाग में आता है कि चलो पैदल चला जाए कुछ देर
या तो किसी को कोई बीमारी डायग्नोज हुई जैसे कि डायबिटीज हुआ या हार्ट की प्रॉब्लम हुई तो डॉक्टर करते हैं। कि आपको मॉर्निंग वॉक करना चाहिए तो उनके दिमाग में सबसे पहले ये आता है, कि अच्छा मॉर्निंग वॉक करने से मेरा वजन कम हो जाएगा कैलरी बर्न होगी उसी के बारे में टॉपिक है। लोगों को जरूरी है। कि चलने में कितनी कैलोरी बर्न होती है, और हम जब खाना खाते हैं, तो कितना कैलोरी इंटेक होता है। राइट तो सबसे पहले आपको बताऊं कि जो कैलोरी हम खर्च करते हैं। वो तीन चीजों पे डिपेंड करती है।
- आपका टाइम कितना है।
- आपकी स्पीड कितनी है।
- तीसरा आपका वजन कितना है।
जितना ज्यादा टाइम उतना ज्यादा कैलोरी खर्च होगी तो अभी हम बात करेंगे कि तीस मिनट में कितनी खर्च होने वाली है। दूसरी बात करते हैं कि आपका वजन जितना ज्यादा वजन होगा उतना ज्यादा कैलोरी खर्च होगी. इसके पीछे का रीजन ये है। कि जब आपका वजन ज्यादा होगा तो चलने-फिरने में आपकी जो मांसपेशियां हैं। पैर की वो ज्यादा काम करती हैं।. जो आपके बैलेंस को बनाने के लिए उनको ज्यादा वर्क करना पड़ता है।. इसलिए जिनका वेट ज्यादा होता है। उसकी कैलोरी ज्यादा खर्च होती है और जो तीसरी चीज है। वो है। स्पीड, स्पीड बढ़ने के साथ कैलोरी खर्च काफी तेजी से बढ़ता है, जिस स्पीड से लोग अमूमन चलते हैं। वो पाँच किलोमीटर प्रति घंटे स्पीड से होता है। कोई व्यक्ति अगर पाँच किलोमीटर स्पीड से आधे घंटे चलेगा राइट तो ऑन एवरेज ऐसा होता है। कि वो एक मिनट के अंदर छह कैलोरी के आसपास खर्चता है। और जब वो दौड़ता है तो लगभग दस से ज्यादा कैलोरी को खर्च कर पाता है। तो अगर मैं वॉकिंग की बात करूँ कि एक मिनट में अगर छह कैलोरी तो तीस मिनट में कितना हो गया एक सौ अस्सी कैलोरी तो आपको मोटा ये समझ में आया कि जब हम लोग आधे घंटे चलते हैं। या पैंतालीस मिनट चलते हैं। या एक घंटे चलते हैं। तो आधे घंटे में सौ अस्सी हुआ तो एक घंटे का आप इसको मल्टीप्लाई कर लो कि लगभग 360 हुआ,
1 घंटा पैदल चलने से कितनी कैलोरी खर्च होती है?
तो 1 घंटे चलने में या चालीस मिनट चलने में 180 से 200 कैलोरी के आसपास खर्च होता है, अब आपका वजन कितना कम होगा, उसके कैल्कुलेशन को आपको मैं बताता हूँ, कि अगर आपके शरीर में से एक किलो फैट कम करना हो, तो एक किलो फैट में लगभग 9000 कैलोरी होता है, एक दिन में आप तीन सौ खर्च कर रहे हो और खर्च आपको करना है, 9000 तो 9000÷3 करोगे तो लगभग ये तीस दिन हो जाएगा। मतलब तीस से चालीस दिन आपको लगेंगे, एक किलो वजन कम करने में, इसमें एक जो सबसे महत्वपूर्ण चीज आपको जानने वाली ये है, कि अगर खाने पे नियंत्रण नहीं है, तो चलने-फिरने से वजन कम होगा इसकी संभावना लगभग ना के बराबर होती है। क्यों ऐसा होता है। क्योंकि हम खाने-पीने में बहुत ज्यादा कैलोरी अंदर ले लेते हैं। वैसे मैं आपको एक उदहारण बताऊं कि एक समोसे में लगभग दो सौ कैलोरी के आस-पास होता है। तो अगर आप चल फिर के आए, दो सौ कैलोरी खर्च किया और दो समोसे खा गए तो आपको चार सौ कैलोरी मिल गई, या एक चाय की बात करें तो उसमें लगभग साठ कैलोरी के आस-पास होता है। क्रीम वाला जो होता है उसमें लगभग डेढ़ सौ कैलोरी के आसपास होता है। प्लेन बिस्किट में सौ कैलोरी के आसपास होता है, एक जैसे पोहे की प्लेट है उसमें एक सौ बीस कैलोरी के आसपास होता है, तो मतलब ये मेरा बताने का मतलब है कि अगर आपके खाने पे कंट्रोल नहीं है, तो आप कितना भी टहल लें, उससे आपके वजन में कमी होगी, इसकी संभावना बहुत कम है, एक जैसे मैं बहुत ही बेसिक एग्जांपल ऐसा देता हूँ कि एक जो रसगुल्ला होता है, गुलाब जामुन जिसको बोलते हैं, उसके एक ही मिनिमम साइज का होता है। उसमें लगभग साढ़े तीन सौ कैलोरी तक होती है, तो आप मान लो कि एक घंटे घूम के आए जिसमें साढ़े तीन-चार सौ कैलोरी खर्च हुई आपकी और आते ही आपने रसगुल्ला खा लिया तो सारा मामला बराबर हो गया इसलिए लोगों का चलने-फिरने में अमूमन वजन कम नहीं होता वजन कम किसी का तभी होगा जब एनर्जी का एक्सपेंडिचर है। वो आपके से खान से कम हो अमूमन एक दिन में जो इंसान खर्च करता है। कैलोरी वो लगभग अठारह सौ से लेकर दो हजार आसपास होती है। मतलब जो एवरेज आदमी है अगर हार्ड वर्क थोड़ी ज्यादा करोगे तो पच्चीस सौ हो जाएगी और ज्यादा हार्ड वर्क करोगे तो अट्ठाईस सौ तीन हजार हो सकती है। एवरेज आदमी जैसा कि मैं हूं कि दिनचर्या रूटीन की जैसे अपनी रहती है। उस हिसाब से अट्ठारह सौ दो हजार कैलोरी ही खर्च होती है। बट इस चीज को जरूर ध्यान रखें कि अब वजन कम नहीं हो रहा है। इसलिए चलना फिरना बंद कर दें ऐसा भी नहीं करना है। हमें क्योंकि वजन कम भले ना हो लेकिन चलने फिरने के एडवांटेज जो होते हैं। दूसरे वो आपको मिलेंगे ही जैसे कि
- ब्लड प्रेशर नियंत्रित होना
- डायबिटीज ठीक होना
- मेंटल हेल्थ लिए अच्छा है।
- वसा प्रालेख
- पाचन की समस्या ठीक होगी
- जोड़ों का दर्द वगैरह हो रहे हैं तो वो ठीक होंगे
- हड्डी की स्वास्थ्य बढ़िया होती है।
- स्किन में चमक आती है।
- बालों की चमक बढ़ती है।
चलने फिरने की अपने एक अलग लाभ है। लेकिन ये दिमाग में कभी नहीं होना चाहिए कि मैं आधे घंटे या पैंतालीस मिनट या एक घंटे चलूँगा या दौड़ूंगा तो बहुत सारी कैलोरी बर्न होगी और मेरा वजन कम होगा। चलने फिरने से ऐसा हो सकता है, कि आप क्योंकि मांसपेशियां थोड़ी टोंल्ड रहे थोड़ा पेट ऐसा लगे कि कम निकला है। पर वजन बहुत ज्यादा कम होने वाला नहीं है। क्योंकि जो हम खाना जिस तरीके से खा रहे हैं। जो हमारे खाने में चीजें हैं, वो बहुत ज्यादा हाई कैलोरी की होती हैं। यही मेरा मकसद था कि लोगों को अवेयरनेस हो राइट कि चलने-फिरने में कितनी कैलोरी खर्च होती है। या अगर आपको बोलूं कि जिम जाते हो या आप कोई स्पोर्ट्स खेलते हो तो भी एक घंटे में आप मैक्सिमम चार पांच सौ कैलोरी इससे ज्यादा नहीं खर्च कर सकते क्योंकि बीच-बीच में हमें रिस्क लेना होता है। जो उच्च ताकत वर्क आउट होते हैं। वो लोग सात सौ, आठ सौ, नौ सौ कैलोरी तक जा पाते हैं, तो सोचो अगर आपने चरम वर्क आउट किया एक घंटे का और दो रसगुल्ले खा लिए और साथ में चाय और जलेबी खा ली तो सारा वर्कआउट की जो कैलोरी है। वो बराबर हो गई है, इसलिए जो हमारा खाना-पीना होता वो बहुत ही बैलेंस हमें रखना चाहिए।
